प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात से बाहर वाराणसी से चुनाव लड़ने और कार्य प्रबंधन की तारीफ की एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने।

Date: 31/12/2021

ग्लोबल खबर globalkhabar.com

 एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भारतीय राजनीति के भीष्म पितामाह हैं। आज उनके मुकाबले कोई अनुभवी लीडर नहीं हैं चाहे देश की अर्थव्यवस्था का मामला हो या देश की रक्षा का या धार्मिक व सामाजिक स्थिति का। उनकी सबसे बड़ी खासियत है कि वे अपने राजनीतिक वैचारिक विरोधियों के तारीफ करने से भी नहीं चुकते। इसी कड़ी में उन्होंने बीजेपी लीडर व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीते दिनों जमकर तारीफ की। उन्होंने मराठी दैनिक लोकसत्ता के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि जब वे कोई काम अपने हाथ में लेते हैं तो यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि वह कार्य समय पर हो। उस कार्य को पूरा करने के लिये भरपूर समय भी देते हैं। इस बात की कोशिश करते हैं कि प्रशासन और उनके सहयोगी एक साथ कैस आयें। उनकी प्रशासन पर अच्छी पकड़ है। अपने सहयोगयों को जोड़ने का उनके पास एक नायाब तरीका है जो अन्य के पास नहीं।  

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2019 विधान सभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी से गठबंधन करना चाहती थी लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। शिवसेना के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाने को पर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिवसेना-बीजेपी विवाद पर उद्धव ठाकरे ने एक अलग ही स्टेंड लिया क्योंकि उनके और बीजेपी के बीच जो समझौते हुए थे उसे लागू नहीं किया जा रहा था। एनसीपी ने बाला साहेब ठाकरे के सम्मान में शिवसेना का समर्थन किया। उन्होंने इसे एक मित्रवत के रूप में वर्णित किया। सभी जानते हैं एनसीपी अध्यक्ष और शिवसेना प्रमुख रहे बाला साहेब ठाकरे (दिवगंत) बीच आदर और सम्मान से समृद्ध मित्रता रही। 

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि दोनो ही बराबरी पर हैं। 50-50 का मामला है। कोई स्पष्ट विजेता नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार से परियोजनाओं उत्तर प्रदेश में लाये उससे लगता है उन्होंने काफी गंभीरता से लिया है। गुजरात के संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की वजाय उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चुनाव लड़ने का निर्णय बिल्कुल सही रहा। इस फैसले के कारण उत्तर प्रदेश के लोग उनके साथ आये गये। साथ हीं उन्होंने अपने चुनावी घमासान को लेकर कहा कि वे 14 चुनाव लड़ चुके हैं जिसमें 7 लोकसभा के चुनाव हैं। लेकिन मैंने कभी भी अपने राज्य से बाहर चुनाव लडड़ने के बारे में नहीं सोचा।   

बहरहाल, देश में लोकसभा का चुनाव हो या विधान सभा का उनमें कहीं न कहीं जातीय राजनीति आ हीं जाती है। इसको लेकर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि जातीय राजनीति बहुत दिनों तक नहीं चलती। कभी कभी राजनेतागण इसका उपयोग कर लेते हैं लेकिन यह सब कुछ लंब समय तक नहीं चलता। आम जनता के कल्याण के  बारे में हीं हमेशा सोचा जाना चाहिये। 

   



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